समय यात्रा का रहस्य? | क्या समय यात्रा संभव है? | Mystery in hindi

 

समय यात्रा का रहस्य ? क्या समय यात्रा संभव है ?   


आपने ये जरूर सुना होका और बहुत सारी फिल्मो में देखा भी होगा की हम की हम time machine के जरिये समय यात्रा कर सकते है।Time travel यानि समय यात्रा, ये दुनिया की सबसे interesting और सबसे विवादस्पद टॉपिक में से एक है। तो आइये आज जानते है समय यात्रा का रहस्य और वाकई में क्या समय यात्रा संभव है ?

Scientist  मानते है की Big bang से पहले समय नहीं था। तो क्यों नहीं था , या फिर समय क्या है, क्या समय वास्तव में है भी या सिर्फ एक भ्रम या धोखा है। तो हमे समय यात्रा का रहस्य जानने से पहले ये जानना होगा की वास्तव में समय क्या है, क्युकी भविष्य में यात्रा करना खुद के लिए Time को stop करने के जैसा है। तो चलिए जानते है समय क्या है जिससे ये साफ़ हो जायेगा की वाकई में क्या समय यात्रा करना संभव है या नहीं।

समय यात्रा का रहस्य | क्या समय यात्रा संभव है

समय यात्रा का रहस्य | क्या समय यात्रा संभव है

हम समय का पता movement  के आधार पर लगाते है , मतलब कोई वस्तु कितना move की है उस आधार पर हमें समय का पता चलता है। जब कोई वस्तु एक जगह से दूसरी जगह move करता है तब हमें पता चलता है की कितना समय हुआ है। वो वस्तु पृथ्वी , सूरज या  घड़ी की सुई हो सकती है या फिर बैटरी से चलने वाली एक digital clock  भी हो सकती है। जिसमे उसके बैटरी के electron move करते है। यदि आप एक math के student है और physics , chemistry को अच्छे से पढ़े है तो आप भली भाती समझ पा रहे होंगे की मै क्या कहे रहा हु।

तो इस तरह से हम movement के आधार पर समय का अनुमान लगाते है। और हमने अपने हिसाब से इस movement को एक नाम भी दे दिया है की घड़ी की सुई यदि इस जगह से उस जगह जाएगी तो एक घंटे हो जायेंगे। या जब सूरज निकल के दुब जायेगा तो एक दिन होया। और पृथ्वी सूरज का एक चक्कर लगा लेगी तो एक साल। तो इस तरह से हमने घड़ी की  सुई से लेकर अंतरिक्ष में हो रही movement को हमने समय का नाम दे दिया है। तो इस तरह से समय यानि Time असल में चीजों की ही movement है , जिसे हम Space Time कहते है।

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इस पूरे ब्रह्माण्ड में हर चीज अपनी जगह से move हो रही है , फिर वो भले ही एक साल में 1cm के करोडवे हिस्से जितनी ही move क्यों न हो लेकिन वो वस्तु move हो रही होगी। और जब कोई चीज move होती है तो वो चीज घिसती है और जब वो घिसती है तो एक समय के बाद घिस के वो नस्ट हो जाती है। उदाहरण ले तो जब आप अपने चप्पल को पहन के चलते है तो , वो चलने यानि movement के कारण एक समय बाद घिस के ख़तम हो जाती है।  वैसे ही जब हम इंसान ज़िंदा होते है तो हमारे सरीर के cells और molecules move होते है। और वो घिसते रहते है,और वो एक दिन इतने घिस जाते है की हम भूढ़े हो जाते है और एक समय के बाद हमारा वजूद ख़त्म हो जाता है।

अगर हम चप्पल को पहने ही ना और अगर अपने सरीर को किसी तरह freez ( स्थिर ) कर सके तो हम इसे लम्बे समय तक टिका सकते है। लेकिन जादे समय तक नहीं क्युकी पड़े पड़े भी तो उसके अंदुरुनी atoms and molecules तो move करेंगे ही। और इस तरह movement के होने से या यु कहे की समय के बीतने से उसका नाश तो होगा ही।

तो आप यहाँ तक तो समझ ही गए होंगे की ब्रह्माण्ड में हर चीज move करती है relative to each other ( एक दूसरे के सापेक्ष )। और हर वस्तु के लिए समय और movement की एक अपनी अलग ही परिभाषा है। समय की डेफिनेशन दुनिया के अलग अलग जीवो के लिए अलग अलग हो सकती है। जैसे एक मक्खी का समय हमसे बहुत fast गति से चलता है क्युकी उसकी movement हमसे बहुत फ़ास्ट होती है इसलिए हमारा एक घंटा उसे एक साल जितना लग सकता है। हमारे एक घंटे में वो अपने जीवन के एक बड़े हिस्से को जी सकती है। और हम उसकी फ़ास्ट movement के कारन उसे पकड़ भी नहीं पाते क्युकी हमारी movement उसके movement के आगे बहुत धीमा है।

एक मक्खी का जीवन बहुत ही कम यानि कुछ ही दिनों का होता है। इसलिए उसे ये लगेगा की समय बहुत ही धीमी रफ़्तार से बहे रहा है और वो समय की हमारी परिभाषा से कभी agree ही नहीं करेगी क्युकी उसके लिए बाकि दुनिया की movements  बहुत ही slow है। वही एक कछुए की movement हमसे भी बहुत धीमी रहती है , इसीलिए वो 200 से 300 साल तक जिन्दा रहे सकता है। तो इस तरह सभी जीवो की अंदरूनी physical और neurological movement के आधार पर उनका जीवनकाल होता है। इसलिए आप ये कहे सकते हो की समय हर object की उसकी  खुद की movement पे आधारित है।

और ये बात पता नहीं कैसे लेकिन हमारे पुरखे भी जानते थे। इसलिए कई ग्रन्थ कथाओ में देवताओ के समय को हमारे समय से अलग बताया गया है , और ब्रह्मा (Indian God) जी का एक दिन हमारे 4 युगो के बराबर बताया गया है। और ये mythology ( पौराणिक कथा ) हर एक सम्प्रदाय में हो सकती है। लेकिन सच बात तो ये है की समय के इस illusion ( मोह माया ) को बिज्ञान भी साबित कर चूका है।

जब हम भूतकाल या इतिहास के बारे में सोचते है तब अपने सोचा है की हम क्या सोचते है। तब हम वास्तव में समय के बारे में नहीं बल्कि बदलाव के बारे में सोचते है। और बदलाव चीजों की movement की वजह से आता है और चीजे gravity , atmosphere , या उष्मा अथवा quantum forces  की वजह से move करती है। यही movement बदलाव लाता है और ये बदलाव हमें समय की अनुभूति करवाता है।

हमे समय सिर्फ घड़ी ही नहीं दिखती घड़ी हमारा आविष्कार है।  पर जब घड़ी नहीं थी तब हमारे पुरखे सूर्य या चन्द्रमा की movement के द्वारा समय को नापते थे। हम इस तरह किसी और चीज की मदत  से भी समय का पता लगा सकते है।

Finding the time by the sun
Finding the time by the sun

अगर Sir Einstein की थ्योरी की बात करे तो उनकी थ्योरी ये कहती है की समय सापेक्ष है वो slow या fast हो सकता है , Time ही 4th Dimension ( चौथा आयाम ) है और हम समय में यात्रा भी कर सकते है। Sir Einstein के थ्योरी को मै आपको बहुत ही सरलता से उदहारण देकर समझाऊंगा।

पर उससे पहले आप ये जान ले की Sir Einstein की theory of relativity के अनुसार हम space में जितनी ही speed से यात्रा करेंगे , हमारे लिए समय उतना ही धीमी गति से चलेगा। Light speed से 99.99 % चलने वाले space craft में मौजूद  घड़ी को आप पृथ्वी के  घड़ी से मिलाएंगे तो आपको पता चलेगा की फ़ास्ट गति से move होने वाली space craft की घड़ी बहुत ही धीमी रफ़्तार से चल रही है , और अगर कोई इंसान light speed से चलने वाले space craft में करीब 3 साल तक यात्रा करता है तो पृथ्वी पर जब वो वापस आएगा तो पुरे 200 साल बीत चुके होंगे।

यानि वो जिन इंसानो को पृथ्वी पे छोड़ के गया होगा वो अब इस दुनिया में ही नहीं होंगे और वो अपनी सातवीं या आठवीं पीढ़ी को देख रहा होगा। और ये सब होता है Time Dilation के कारण। ये Time Dilation ही कारण है जो की हमारे हाई स्पीड से move हो रहे Satellite में  रखे Atomic Clock के समय को भी कुछ नैनो सेकण्ड्स धीमा कर देता है, जिसे हमेशा कुछ टाइम क बाद पृथ्वी के clock से मिलाना पड़ता है।

Atomic Clock
Atomic Clock 

ये Time Dilation हमारे Atomic Clock ( टाइम के एक सेकण्ड् के करोड़वें हिस्से को भी count कर सकता है ) को भले ही कुछ नैनो सेकण्ड्स का ही फरक क्यों न पैदा करता हो, लेकिन इससे हमें ये पता चलता है की हम भविष्य में Time Dilation की मदत से समय यात्रा कर सकते है। तो इन सब चीजों से आपको ये तो पता चल ही गया होगा की हमारे लिए भविष्य में समय यात्रा करना बीलकुल संभव है। पर अभी हम समय यात्रा नहीं कर सकते क्योंकी इस टाइम हमारे पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं है जिससे हम light के speed के आस पास भी जा सके।

पर जिस हिसाब से हम लोग टेक्नोलॉजी के फील्ड में आगे बढ़ रहे है उससे ये अनुमान लगाया जा सकता है की हम जल्द ही भविष्य में यात्रा करने के सक्षम हो पाएंगे।

Time Dilation एक बहुत ही interesting topic है जिसपे मेरी टीम एक अलग से आर्टिकल पब्लिश करेगी। तो आप लोग मेरे इस ब्लॉग को Subscribe जरूर करे ताकि आप लोगो को मेरे अगले आर्टिकल का notification मिल सके।

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